सूर्य मंत्र

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ॥

Om Hraam Hreem Hraum Sah Suryaya Namah

छोटा (एकाक्षरी) मंत्र

ॐ घृणि सूर्याय नमः ॥

अर्थ

सूर्य देव को बीज अक्षरों सहित नमस्कार. यह सूर्य का बीज मंत्र है, जिसे आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और मान-सम्मान के लिए जपने की परंपरा है.

जप-संख्या (परंपरा)7,000 — 40 दिनों में पूरा करने की परंपरा
शुभ दिनरविवार
ग्रह का रत्नमाणिक्य (रूबी)

जप कैसे करें

  • सुबह स्नान के बाद, शांत और साफ़ जगह पर बैठें.
  • रुद्राक्ष या तुलसी की माला से 108 बार जप एक माला कहलाता है.
  • उच्चारण साफ़ रखें; मन में या धीमे स्वर में जप किया जा सकता है.
  • जप के बाद कुछ पल शांत बैठें.

ध्यान और साँस का अभ्यास