शुक्र मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः ॥
Om Draam Dreem Draum Sah Shukraya Namah
छोटा (एकाक्षरी) मंत्र
ॐ शुं शुक्राय नमः ॥
अर्थ
शुक्र देव को बीज अक्षरों सहित नमस्कार. इसे प्रेम, वैवाहिक सुख, कला और सुख-सुविधा के लिए जपने की परंपरा है.
| जप-संख्या (परंपरा) | 16,000 — 40 दिनों में पूरा करने की परंपरा |
| शुभ दिन | शुक्रवार |
| ग्रह का रत्न | हीरा (डायमंड) |
जप कैसे करें
- सुबह स्नान के बाद, शांत और साफ़ जगह पर बैठें.
- रुद्राक्ष या तुलसी की माला से 108 बार जप एक माला कहलाता है.
- उच्चारण साफ़ रखें; मन में या धीमे स्वर में जप किया जा सकता है.
- जप के बाद कुछ पल शांत बैठें.