कुंडली मिलान — नाम से या जन्म तिथि से
36 गुणअष्टकूट पद्धतिमुफ़्त
- 8 कूट का अलग-अलग विवरण
- नाड़ी और भकूट दोष, परिहार के साथ
- जन्म का समय न पता हो तब भी
कुंडली मिलान कैसे होता है
वैदिक ज्योतिष में वर और वधू की चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र से आठ कूटों का मिलान किया जाता है. इन्हें अष्टकूट कहते हैं और इनके कुल 36 गुण होते हैं. सामान्य मान्यता है कि 18 से अधिक गुण मिलना विवाह के लिए शुभ है, और 28 से अधिक गुण उत्तम मिलान माने जाते हैं.
जन्म तिथि, समय और स्थान से मिलान सबसे सटीक होता है, क्योंकि इससे चंद्रमा की सही स्थिति निकलती है. जन्म का विवरण न पता हो तो नाम के पहले अक्षर से नक्षत्र का चरण माना जाता है — इसे नाम से गुण मिलान कहते हैं.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शादी के लिए कितने गुण मिलने चाहिए?
परंपरागत रूप से 18 या उससे अधिक गुण शुभ माने जाते हैं. फिर भी नाड़ी और भकूट दोष जैसे बिंदु अलग से देखे जाते हैं, इसलिए सिर्फ़ कुल अंक पर निर्णय नहीं लेना चाहिए.
जन्म का समय न पता हो तो क्या करें?
"समय नहीं पता" चुनें. तब दोपहर 12 बजे मानकर गणना होती है. चंद्रमा एक दिन में लगभग 13° चलता है, इसलिए नक्षत्र बदल सकता है — नतीजे में इसकी चेतावनी दिखेगी.
नाम से मिलान कितना सही होता है?
नाम से मिलान तब उपयोगी है जब जन्म विवरण उपलब्ध न हो. यह नाम के पहले अक्षर से नक्षत्र मानता है, जो जन्म के असली नक्षत्र से अलग हो सकता है.