राहु मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः ॥
Om Bhraam Bhreem Bhraum Sah Rahave Namah
छोटा (एकाक्षरी) मंत्र
ॐ रां राहवे नमः ॥
अर्थ
राहु को बीज अक्षरों सहित नमस्कार. इसे भ्रम, अचानक बाधाओं और राहु की दशा में शांति के लिए जपने की परंपरा है.
| जप-संख्या (परंपरा) | 18,000 — 40 दिनों में पूरा करने की परंपरा |
| शुभ दिन | शनिवार |
| ग्रह का रत्न | गोमेद (हेसोनाइट) |
जप कैसे करें
- सुबह स्नान के बाद, शांत और साफ़ जगह पर बैठें.
- रुद्राक्ष या तुलसी की माला से 108 बार जप एक माला कहलाता है.
- उच्चारण साफ़ रखें; मन में या धीमे स्वर में जप किया जा सकता है.
- जप के बाद कुछ पल शांत बैठें.