जन्म कुंडली — मुफ़्त, हिंदी में
लग्न कुंडलीनवांशदशामुफ़्त
- उत्तर भारतीय शैली का लग्न, चंद्र और नवांश चार्ट
- ग्रह स्थिति, उच्च-नीच और वक्री ग्रह
- विंशोत्तरी महादशा-अंतर्दशा, मांगलिक और साढ़ेसाती
जन्म कुंडली क्या है
जन्म कुंडली जन्म के क्षण पर आकाश का नक्शा है: उस समय पूर्व दिशा में उदय हो रही राशि (लग्न) और नौ ग्रहों की राशियाँ. वैदिक ज्योतिष में इसे बारह भावों में बाँटकर देखा जाता है, और हर भाव जीवन के किसी पहलू से जुड़ा है.
सही समय और स्थान क्यों ज़रूरी है
लग्न लगभग हर दो घंटे में बदल जाता है, इसलिए जन्म का समय जितना सटीक होगा, कुंडली उतनी सही बनेगी. जन्म स्थान से अक्षांश, देशांतर और उस समय का टाइमज़ोन लिया जाता है.
गणना की पद्धति
ग्रहों की स्थिति खगोलीय सूत्रों से निकाली जाती है और Lahiri अयनांश से निरयन (sidereal) बनाई जाती है. भाव पूरी राशि (whole sign) पद्धति से लिए जाते हैं, और राहु-केतु के लिए माध्य (mean) राहु.