सर्वे भवन्तु सुखिनः (शांति मंत्र)

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

Om Sarve Bhavantu Sukhinah Sarve Santu Niramayah
Sarve Bhadrani Pashyantu Ma Kashchid Duhkha Bhagbhavet
Om Shantih Shantih Shantih

अर्थ

सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त हों, सभी शुभ देखें, कोई भी दुख का भागी न बने. ॐ शांति, शांति, शांति.

जप-संख्या (परंपरा)3
शुभ दिनकिसी भी समय, ध्यान से पहले या बाद

जप कैसे करें

  • सुबह स्नान के बाद, शांत और साफ़ जगह पर बैठें.
  • रुद्राक्ष या तुलसी की माला से 108 बार जप एक माला कहलाता है.
  • उच्चारण साफ़ रखें; मन में या धीमे स्वर में जप किया जा सकता है.
  • जप के बाद कुछ पल शांत बैठें.

ध्यान और साँस का अभ्यास