27 नक्षत्र

वैदिक ज्योतिष में आकाश के 360° को 27 नक्षत्रों में बाँटा गया है — हर नक्षत्र 13°20′ का होता है और उसके चार चरण होते हैं. जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, वही जन्म नक्षत्र कहलाता है.

अभी चंद्रमा का नक्षत्र

आर्द्रा — समाप्त 31/10, 07:12 AM (भारतीय समय)

आज का पूरा पंचांग देखें · अपना जन्म नक्षत्र जानें

#नक्षत्रस्वामीगणनाड़ीअक्षर
1अश्विनीकेतुदेवआदिचू चे चो ला
2भरणीशुक्रमनुष्यमध्यली लू ले लो
3कृत्तिकासूर्यराक्षसअंत्यअ ई उ ए
4रोहिणीचंद्रमनुष्यअंत्यओ वा वी वू
5मृगशिरामंगलदेवमध्यवे वो का की
6आर्द्राराहुमनुष्यआदिकु घ ङ छ
7पुनर्वसुगुरुदेवआदिके को हा ही
8पुष्यशनिदेवमध्यहु हे हो डा
9आश्लेषाबुधराक्षसअंत्यडी डू डे डो
10मघाकेतुराक्षसअंत्यमा मी मू मे
11पूर्व फाल्गुनीशुक्रमनुष्यमध्यमो टा टी टू
12उत्तर फाल्गुनीसूर्यमनुष्यआदिटे टो पा पी
13हस्तचंद्रदेवआदिपू ष ण ठ
14चित्रामंगलराक्षसमध्यपे पो रा री
15स्वातिराहुदेवअंत्यरू रे रो ता
16विशाखागुरुराक्षसअंत्यती तू ते तो
17अनुराधाशनिदेवमध्यना नी नू ने
18ज्येष्ठाबुधराक्षसआदिनो या यी यू
19मूलकेतुराक्षसआदिये यो भा भी
20पूर्वाषाढ़ाशुक्रमनुष्यमध्यभू धा फा ढा
21उत्तराषाढ़ासूर्यमनुष्यअंत्यभे भो जा जी
22श्रवणचंद्रदेवअंत्यखी खू खे खो
23धनिष्ठामंगलराक्षसमध्यगा गी गू गे
24शतभिषाराहुराक्षसआदिगो सा सी सू
25पूर्व भाद्रपदगुरुमनुष्यआदिसे सो दा दी
26उत्तर भाद्रपदशनिमनुष्यमध्यदू थ झ ञ
27रेवतीबुधदेवअंत्यदे दो चा ची