चंद्र मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः ॥

Om Shraam Shreem Shraum Sah Chandramase Namah

छोटा (एकाक्षरी) मंत्र

ॐ सों सोमाय नमः ॥

अर्थ

चंद्र देव को बीज अक्षरों सहित नमस्कार. इसे मन की शांति, भावनात्मक संतुलन और अच्छी नींद के लिए जपने की परंपरा है.

जप-संख्या (परंपरा)11,000 — 40 दिनों में पूरा करने की परंपरा
शुभ दिनसोमवार
ग्रह का रत्नमोती (पर्ल)

जप कैसे करें

  • सुबह स्नान के बाद, शांत और साफ़ जगह पर बैठें.
  • रुद्राक्ष या तुलसी की माला से 108 बार जप एक माला कहलाता है.
  • उच्चारण साफ़ रखें; मन में या धीमे स्वर में जप किया जा सकता है.
  • जप के बाद कुछ पल शांत बैठें.

ध्यान और साँस का अभ्यास