मंगल मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः ॥
Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah
छोटा (एकाक्षरी) मंत्र
ॐ अं अंगारकाय नमः ॥
अर्थ
मंगल (भौम) देव को बीज अक्षरों सहित नमस्कार. इसे साहस, ऊर्जा और मांगलिक दोष की शांति के लिए जपने की परंपरा है.
| जप-संख्या (परंपरा) | 10,000 — 40 दिनों में पूरा करने की परंपरा |
| शुभ दिन | मंगलवार |
| ग्रह का रत्न | मूंगा (रेड कोरल) |
जप कैसे करें
- सुबह स्नान के बाद, शांत और साफ़ जगह पर बैठें.
- रुद्राक्ष या तुलसी की माला से 108 बार जप एक माला कहलाता है.
- उच्चारण साफ़ रखें; मन में या धीमे स्वर में जप किया जा सकता है.
- जप के बाद कुछ पल शांत बैठें.