राहु काल — 16 मार्च 2050, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:54 PM (बुधवार को वर्जित)
राहु काल12:30 PM – 02:00 PM
यमगंड07:59 AM – 09:29 AM
गुलिक काल10:59 AM – 12:30 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअष्टमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 03:00 AM (अगले दिन), फिर नवमी
नक्षत्रज्येष्ठा — समाप्त 01:02 PM, फिर मूल
योगसिद्धि — समाप्त 04:18 PM, फिर व्यतीपात
करणबालव — समाप्त 03:38 PM, फिर कौलव
वारबुधवार
सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त06:30 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2106
शक संवत1971

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ06:29 AM – 07:59 AM
अमृत07:59 AM – 09:29 AM
काल09:29 AM – 10:59 AM
शुभ10:59 AM – 12:30 PM
रोग12:30 PM – 02:00 PM
उद्वेग02:00 PM – 03:30 PM
चर03:30 PM – 05:00 PM
लाभ05:00 PM – 06:30 PM

रात का चौघड़िया

उद्वेग06:30 PM – 07:59 PM
शुभ07:59 PM – 09:29 PM
अमृत09:29 PM – 10:59 PM
चर10:59 PM – 12:29 AM (अगले दिन)
रोग12:29 AM (अगले दिन) – 01:59 AM (अगले दिन)
काल01:59 AM (अगले दिन) – 03:29 AM (अगले दिन)
लाभ03:29 AM (अगले दिन) – 04:58 AM (अगले दिन)
उद्वेग04:58 AM (अगले दिन) – 06:28 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

19 मार्चएकादशी (कृष्ण)
2 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
7 अप्रैपूर्णिमा
21 अप्रैअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.