राहु काल — 5 मई 2048, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:51 AM – 12:44 PM
राहु काल03:38 PM – 05:18 PM
यमगंड08:57 AM – 10:37 AM
गुलिक काल12:18 PM – 01:58 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअष्टमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 07:26 PM, फिर नवमी
नक्षत्रश्रवण — समाप्त 12:28 PM, फिर धनिष्ठा
योगशुक्ल — समाप्त 10:02 PM, फिर ब्रह्म
करणबालव — समाप्त 07:53 AM, फिर कौलव
वारमंगलवार
सूर्योदय05:36 AM
सूर्यास्त06:59 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)चैत्र
विक्रम संवत2105
शक संवत1970

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग05:36 AM – 07:17 AM
उद्वेग07:17 AM – 08:57 AM
चर08:57 AM – 10:37 AM
लाभ10:37 AM – 12:18 PM
अमृत12:18 PM – 01:58 PM
काल01:58 PM – 03:38 PM
शुभ03:38 PM – 05:18 PM
रोग05:18 PM – 06:59 PM

रात का चौघड़िया

काल06:59 PM – 08:18 PM
लाभ08:18 PM – 09:38 PM
उद्वेग09:38 PM – 10:58 PM
शुभ10:58 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
अमृत12:17 AM (अगले दिन) – 01:37 AM (अगले दिन)
चर01:37 AM (अगले दिन) – 02:56 AM (अगले दिन)
रोग02:56 AM (अगले दिन) – 04:16 AM (अगले दिन)
काल04:16 AM (अगले दिन) – 05:36 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

8 मईएकादशी (कृष्ण)
12 मईअमावस्या
24 मईएकादशी (शुक्ल)
27 मईपूर्णिमा
7 जूनएकादशी (कृष्ण)
11 जूनअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.