राहु काल — 5 नवंबर 2046, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:26 PM
राहु काल07:58 AM – 09:20 AM
यमगंड10:42 AM – 12:04 PM
गुलिक काल01:26 PM – 02:48 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअष्टमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 06:48 AM (अगले दिन), फिर नवमी
नक्षत्रश्रवण — समाप्त 02:58 AM (अगले दिन), फिर धनिष्ठा
योगगण्ड — समाप्त 04:33 AM (अगले दिन), फिर वृद्धि
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 05:59 PM, फिर बव
वारसोमवार
सूर्योदय06:35 AM
सूर्यास्त05:33 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2103
शक संवत1968

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत06:35 AM – 07:58 AM
काल07:58 AM – 09:20 AM
शुभ09:20 AM – 10:42 AM
रोग10:42 AM – 12:04 PM
उद्वेग12:04 PM – 01:26 PM
चर01:26 PM – 02:48 PM
लाभ02:48 PM – 04:11 PM
अमृत04:11 PM – 05:33 PM

रात का चौघड़िया

चर05:33 PM – 07:11 PM
रोग07:11 PM – 08:49 PM
काल08:49 PM – 10:27 PM
लाभ10:27 PM – 12:04 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:04 AM (अगले दिन) – 01:42 AM (अगले दिन)
शुभ01:42 AM (अगले दिन) – 03:20 AM (अगले दिन)
अमृत03:20 AM (अगले दिन) – 04:58 AM (अगले दिन)
चर04:58 AM (अगले दिन) – 06:36 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

9 नवएकादशी (शुक्ल)
13 नवपूर्णिमा
24 नवएकादशी (कृष्ण)
27 नवअमावस्या
9 दिसएकादशी (शुक्ल)
13 दिसपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.