राहु काल — 10 मई 2041, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:44 PM
राहु काल10:36 AM – 12:17 PM
यमगंड03:39 PM – 05:20 PM
गुलिक काल07:14 AM – 08:55 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिदशमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 03:07 AM (अगले दिन), फिर एकादशी
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी — समाप्त 04:06 AM (अगले दिन), फिर उत्तर फाल्गुनी
योगव्याघात — समाप्त 04:57 AM (अगले दिन), फिर हर्षण
करणतैतिल — समाप्त 02:04 PM, फिर गर
वारशुक्रवार
सूर्योदय05:33 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2098
शक संवत1963

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चर05:33 AM – 07:14 AM
लाभ07:14 AM – 08:55 AM
अमृत08:55 AM – 10:36 AM
काल10:36 AM – 12:17 PM
शुभ12:17 PM – 01:58 PM
रोग01:58 PM – 03:39 PM
उद्वेग03:39 PM – 05:20 PM
चर05:20 PM – 07:02 PM

रात का चौघड़िया

रोग07:02 PM – 08:20 PM
काल08:20 PM – 09:39 PM
लाभ09:39 PM – 10:58 PM
उद्वेग10:58 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
शुभ12:17 AM (अगले दिन) – 01:36 AM (अगले दिन)
अमृत01:36 AM (अगले दिन) – 02:55 AM (अगले दिन)
चर02:55 AM (अगले दिन) – 04:14 AM (अगले दिन)
रोग04:14 AM (अगले दिन) – 05:32 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

11 मईएकादशी (शुक्ल)
16 मईपूर्णिमा
26 मईएकादशी (कृष्ण)
29 मईअमावस्या
10 जूनएकादशी (शुक्ल)
14 जूनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.