राहु काल — 15 दिसंबर 2036, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:37 PM
राहु काल08:23 AM – 09:41 AM
यमगंड10:58 AM – 12:16 PM
गुलिक काल01:33 PM – 02:51 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथित्रयोदशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 08:34 PM, फिर चतुर्दशी
नक्षत्रविशाखा — समाप्त 03:56 PM, फिर अनुराधा
योगसुकर्मा — समाप्त 04:30 PM, फिर धृति
करणगर — समाप्त 08:43 AM, फिर वणिज
वारसोमवार
सूर्योदय07:06 AM
सूर्यास्त05:26 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2093
शक संवत1958

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत07:06 AM – 08:23 AM
काल08:23 AM – 09:41 AM
शुभ09:41 AM – 10:58 AM
रोग10:58 AM – 12:16 PM
उद्वेग12:16 PM – 01:33 PM
चर01:33 PM – 02:51 PM
लाभ02:51 PM – 04:08 PM
अमृत04:08 PM – 05:26 PM

रात का चौघड़िया

चर05:26 PM – 07:09 PM
रोग07:09 PM – 08:51 PM
काल08:51 PM – 10:34 PM
लाभ10:34 PM – 12:16 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:16 AM (अगले दिन) – 01:59 AM (अगले दिन)
शुभ01:59 AM (अगले दिन) – 03:41 AM (अगले दिन)
अमृत03:41 AM (अगले दिन) – 05:24 AM (अगले दिन)
चर05:24 AM (अगले दिन) – 07:07 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

17 दिसअमावस्या
29 दिसएकादशी (शुक्ल)
2 जनपूर्णिमा
12 जनएकादशी (कृष्ण)
16 जनअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.