राहु काल — 21 अगस्त 2036, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 AM – 12:50 PM |
| राहु काल | 02:01 PM – 03:39 PM |
| यमगंड | 05:53 AM – 07:31 AM |
| गुलिक काल | 09:08 AM – 10:46 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | अमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 11:05 PM, फिर प्रतिपदा |
| नक्षत्र | आश्लेषा — समाप्त 03:21 PM, फिर मघा |
| योग | वरीयान — समाप्त 08:33 AM, फिर परिघ |
| करण | चतुष्पद — समाप्त 12:56 PM, फिर नाग |
| वार | गुरुवार |
सूर्योदय05:53 AM
सूर्यास्त06:54 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2093
शक संवत1958
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 05:53 AM – 07:31 AM |
| रोग | 07:31 AM – 09:08 AM |
| उद्वेग | 09:08 AM – 10:46 AM |
| चर | 10:46 AM – 12:24 PM |
| लाभ | 12:24 PM – 02:01 PM |
| अमृत | 02:01 PM – 03:39 PM |
| काल | 03:39 PM – 05:16 PM |
| शुभ | 05:16 PM – 06:54 PM |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 06:54 PM – 08:16 PM |
| चर | 08:16 PM – 09:39 PM |
| रोग | 09:39 PM – 11:01 PM |
| काल | 11:01 PM – 12:24 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 12:24 AM (अगले दिन) – 01:46 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 01:46 AM (अगले दिन) – 03:09 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 03:09 AM (अगले दिन) – 04:31 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 04:31 AM (अगले दिन) – 05:54 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 21 अग | अमावस्या |
| 1 सित | एकादशी (शुक्ल) |
| 5 सित | पूर्णिमा |
| 16 सित | एकादशी (कृष्ण) |
| 20 सित | अमावस्या |
| 30 सित | एकादशी (शुक्ल) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.