राहु काल — 25 दिसंबर 2033, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:41 PM
राहु काल04:13 PM – 05:31 PM
यमगंड12:21 PM – 01:38 PM
गुलिक काल02:56 PM – 04:13 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्थी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 10:52 PM, फिर पंचमी
नक्षत्रश्रवण — समाप्त 02:45 PM, फिर धनिष्ठा
योगहर्षण — समाप्त 08:59 PM, फिर वज्र
करणवणिज — समाप्त 11:20 AM, फिर विष्टि (भद्रा)
वाररविवार
सूर्योदय07:11 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2090
शक संवत1955

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग07:11 AM – 08:28 AM
चर08:28 AM – 09:46 AM
लाभ09:46 AM – 11:03 AM
अमृत11:03 AM – 12:21 PM
काल12:21 PM – 01:38 PM
शुभ01:38 PM – 02:56 PM
रोग02:56 PM – 04:13 PM
उद्वेग04:13 PM – 05:31 PM

रात का चौघड़िया

शुभ05:31 PM – 07:13 PM
अमृत07:13 PM – 08:56 PM
चर08:56 PM – 10:38 PM
रोग10:38 PM – 12:21 AM (अगले दिन)
काल12:21 AM (अगले दिन) – 02:04 AM (अगले दिन)
लाभ02:04 AM (अगले दिन) – 03:46 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:46 AM (अगले दिन) – 05:29 AM (अगले दिन)
शुभ05:29 AM (अगले दिन) – 07:11 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

1 जनएकादशी (शुक्ल)
4 जनपूर्णिमा
16 जनएकादशी (कृष्ण)
20 जनअमावस्या
30 जनएकादशी (शुक्ल)
3 फ़रपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.