राहु काल — 1 फ़रवरी 2033, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 12:56 PM
राहु काल03:17 PM – 04:39 PM
यमगंड09:52 AM – 11:13 AM
गुलिक काल12:34 PM – 01:56 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिद्वितीया (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 08:37 PM, फिर तृतीया
नक्षत्रधनिष्ठा — समाप्त 10:54 AM, फिर शतभिषा
योगवरीयान — समाप्त 06:21 PM, फिर परिघ
करणबालव — समाप्त 10:21 AM, फिर कौलव
वारमंगलवार
सूर्योदय07:09 AM
सूर्यास्त06:00 PM
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिमकर
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2089
शक संवत1954

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग07:09 AM – 08:30 AM
उद्वेग08:30 AM – 09:52 AM
चर09:52 AM – 11:13 AM
लाभ11:13 AM – 12:34 PM
अमृत12:34 PM – 01:56 PM
काल01:56 PM – 03:17 PM
शुभ03:17 PM – 04:39 PM
रोग04:39 PM – 06:00 PM

रात का चौघड़िया

काल06:00 PM – 07:39 PM
लाभ07:39 PM – 09:17 PM
उद्वेग09:17 PM – 10:56 PM
शुभ10:56 PM – 12:34 AM (अगले दिन)
अमृत12:34 AM (अगले दिन) – 02:13 AM (अगले दिन)
चर02:13 AM (अगले दिन) – 03:51 AM (अगले दिन)
रोग03:51 AM (अगले दिन) – 05:30 AM (अगले दिन)
काल05:30 AM (अगले दिन) – 07:08 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

9 फ़रएकादशी (शुक्ल)
14 फ़रपूर्णिमा
25 फ़रएकादशी (कृष्ण)
1 मार्चअमावस्या
11 मार्चएकादशी (शुक्ल)
15 मार्चपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.