राहु काल — 22 अप्रैल 2032, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 AM – 12:45 PM |
| राहु काल | 01:57 PM – 03:35 PM |
| यमगंड | 05:48 AM – 07:26 AM |
| गुलिक काल | 09:04 AM – 10:42 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | द्वादशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 06:38 PM, फिर त्रयोदशी |
| नक्षत्र | पूर्व फाल्गुनी — समाप्त 06:53 AM, फिर उत्तर फाल्गुनी |
| योग | ध्रुव — समाप्त 04:16 PM, फिर व्याघात |
| करण | बव — समाप्त 05:51 AM, फिर बालव |
| वार | गुरुवार |
सूर्योदय05:48 AM
सूर्यास्त06:51 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)चैत्र
विक्रम संवत2089
शक संवत1954
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 05:48 AM – 07:26 AM |
| रोग | 07:26 AM – 09:04 AM |
| उद्वेग | 09:04 AM – 10:42 AM |
| चर | 10:42 AM – 12:19 PM |
| लाभ | 12:19 PM – 01:57 PM |
| अमृत | 01:57 PM – 03:35 PM |
| काल | 03:35 PM – 05:13 PM |
| शुभ | 05:13 PM – 06:51 PM |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 06:51 PM – 08:13 PM |
| चर | 08:13 PM – 09:35 PM |
| रोग | 09:35 PM – 10:57 PM |
| काल | 10:57 PM – 12:19 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 12:19 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 01:41 AM (अगले दिन) – 03:03 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 03:03 AM (अगले दिन) – 04:25 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 04:25 AM (अगले दिन) – 05:47 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 25 अप्रै | पूर्णिमा |
| 5 मई | एकादशी (कृष्ण) |
| 9 मई | अमावस्या |
| 21 मई | एकादशी (शुक्ल) |
| 25 मई | पूर्णिमा |
| 4 जून | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.