राहु काल — 22 मार्च 2031, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:52 PM
राहु काल09:25 AM – 10:57 AM
यमगंड01:59 PM – 03:30 PM
गुलिक काल06:23 AM – 07:54 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 10:38 AM, फिर अमावस्या
नक्षत्रपूर्व भाद्रपद — समाप्त 01:02 AM (अगले दिन), फिर उत्तर भाद्रपद
योगशुभ — समाप्त 05:55 PM, फिर शुक्ल
करणशकुनि — समाप्त 10:38 AM, फिर चतुष्पद
वारशनिवार
सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त06:33 PM
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2087
शक संवत1952

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल06:23 AM – 07:54 AM
शुभ07:54 AM – 09:25 AM
रोग09:25 AM – 10:57 AM
उद्वेग10:57 AM – 12:28 PM
चर12:28 PM – 01:59 PM
लाभ01:59 PM – 03:30 PM
अमृत03:30 PM – 05:02 PM
काल05:02 PM – 06:33 PM

रात का चौघड़िया

लाभ06:33 PM – 08:01 PM
उद्वेग08:01 PM – 09:30 PM
शुभ09:30 PM – 10:59 PM
अमृत10:59 PM – 12:27 AM (अगले दिन)
चर12:27 AM (अगले दिन) – 01:56 AM (अगले दिन)
रोग01:56 AM (अगले दिन) – 03:25 AM (अगले दिन)
काल03:25 AM (अगले दिन) – 04:53 AM (अगले दिन)
लाभ04:53 AM (अगले दिन) – 06:22 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

23 मार्चअमावस्या
3 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
7 अप्रैपूर्णिमा
17 अप्रैएकादशी (कृष्ण)
21 अप्रैअमावस्या
3 मईएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.