राहु काल — 18 फ़रवरी 2031, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:12 PM – 12:57 PM |
| राहु काल | 03:24 PM – 04:48 PM |
| यमगंड | 09:46 AM – 11:10 AM |
| गुलिक काल | 12:35 PM – 01:59 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | एकादशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 08:28 AM, फिर द्वादशी |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा — समाप्त 12:26 AM (अगले दिन), फिर उत्तराषाढ़ा |
| योग | सिद्धि — समाप्त 02:01 AM (अगले दिन), फिर व्यतीपात |
| करण | बालव — समाप्त 08:28 AM, फिर कौलव |
| वार | मंगलवार |
सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2087
शक संवत1952
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| रोग | 06:57 AM – 08:21 AM |
| उद्वेग | 08:21 AM – 09:46 AM |
| चर | 09:46 AM – 11:10 AM |
| लाभ | 11:10 AM – 12:35 PM |
| अमृत | 12:35 PM – 01:59 PM |
| काल | 01:59 PM – 03:24 PM |
| शुभ | 03:24 PM – 04:48 PM |
| रोग | 04:48 PM – 06:13 PM |
रात का चौघड़िया
| काल | 06:13 PM – 07:48 PM |
| लाभ | 07:48 PM – 09:24 PM |
| उद्वेग | 09:24 PM – 10:59 PM |
| शुभ | 10:59 PM – 12:34 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 12:34 AM (अगले दिन) – 02:10 AM (अगले दिन) |
| चर | 02:10 AM (अगले दिन) – 03:45 AM (अगले दिन) |
| रोग | 03:45 AM (अगले दिन) – 05:21 AM (अगले दिन) |
| काल | 05:21 AM (अगले दिन) – 06:56 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 18 फ़र | एकादशी (कृष्ण) |
| 21 फ़र | अमावस्या |
| 4 मार्च | एकादशी (शुक्ल) |
| 9 मार्च | पूर्णिमा |
| 19 मार्च | एकादशी (कृष्ण) |
| 23 मार्च | अमावस्या |
| 3 अप्रै | एकादशी (शुक्ल) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.