राहु काल — 9 अगस्त 2029, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:59 AM – 12:53 PM
राहु काल02:06 PM – 03:46 PM
यमगंड05:47 AM – 07:27 AM
गुलिक काल09:06 AM – 10:46 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 09:12 AM, फिर अमावस्या
नक्षत्रपुष्य — समाप्त 07:44 PM, फिर आश्लेषा
योगसिद्धि — समाप्त 09:26 AM, फिर व्यतीपात
करणशकुनि — समाप्त 09:12 AM, फिर चतुष्पद
वारगुरुवार
सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त07:05 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)आषाढ़
विक्रम संवत2086
शक संवत1951

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ05:47 AM – 07:27 AM
रोग07:27 AM – 09:06 AM
उद्वेग09:06 AM – 10:46 AM
चर10:46 AM – 12:26 PM
लाभ12:26 PM – 02:06 PM
अमृत02:06 PM – 03:46 PM
काल03:46 PM – 05:26 PM
शुभ05:26 PM – 07:05 PM

रात का चौघड़िया

अमृत07:05 PM – 08:26 PM
चर08:26 PM – 09:46 PM
रोग09:46 PM – 11:06 PM
काल11:06 PM – 12:26 AM (अगले दिन)
लाभ12:26 AM (अगले दिन) – 01:47 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:47 AM (अगले दिन) – 03:07 AM (अगले दिन)
शुभ03:07 AM (अगले दिन) – 04:27 AM (अगले दिन)
अमृत04:27 AM (अगले दिन) – 05:47 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

10 अगअमावस्या
20 अगएकादशी (शुक्ल)
24 अगपूर्णिमा
4 सितएकादशी (कृष्ण)
8 सितअमावस्या
18 सितएकादशी (शुक्ल)
22 सितपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.