राहु काल — 16 दिसंबर 2027, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:37 PM
राहु काल01:34 PM – 02:51 PM
यमगंड07:06 AM – 08:24 AM
गुलिक काल09:41 AM – 10:59 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथितृतीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 01:22 PM, फिर चतुर्थी
नक्षत्रपुनर्वसु — समाप्त 09:13 AM, फिर पुष्य
योगब्रह्म — समाप्त 09:41 AM, फिर इन्द्र
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 01:22 PM, फिर बव
वारगुरुवार
सूर्योदय07:06 AM
सूर्यास्त05:26 PM
चंद्र राशिकर्क
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ07:06 AM – 08:24 AM
रोग08:24 AM – 09:41 AM
उद्वेग09:41 AM – 10:59 AM
चर10:59 AM – 12:16 PM
लाभ12:16 PM – 01:34 PM
अमृत01:34 PM – 02:51 PM
काल02:51 PM – 04:09 PM
शुभ04:09 PM – 05:26 PM

रात का चौघड़िया

अमृत05:26 PM – 07:09 PM
चर07:09 PM – 08:51 PM
रोग08:51 PM – 10:34 PM
काल10:34 PM – 12:16 AM (अगले दिन)
लाभ12:16 AM (अगले दिन) – 01:59 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:59 AM (अगले दिन) – 03:42 AM (अगले दिन)
शुभ03:42 AM (अगले दिन) – 05:24 AM (अगले दिन)
अमृत05:24 AM (अगले दिन) – 07:07 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

23 दिसएकादशी (कृष्ण)
27 दिसअमावस्या
8 जनएकादशी (शुक्ल)
12 जनपूर्णिमा
22 जनएकादशी (कृष्ण)
26 जनअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.