राहु काल — 5 दिसंबर 2027, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 AM – 12:32 PM |
| राहु काल | 04:05 PM – 05:24 PM |
| यमगंड | 12:11 PM – 01:29 PM |
| गुलिक काल | 02:47 PM – 04:05 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | सप्तमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 09:38 PM, फिर अष्टमी |
| नक्षत्र | धनिष्ठा — समाप्त 08:41 AM, फिर शतभिषा |
| योग | हर्षण — समाप्त 06:09 AM (अगले दिन), फिर वज्र |
| करण | गर — समाप्त 08:19 AM, फिर वणिज |
| वार | रविवार |
सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 06:59 AM – 08:17 AM |
| चर | 08:17 AM – 09:35 AM |
| लाभ | 09:35 AM – 10:53 AM |
| अमृत | 10:53 AM – 12:11 PM |
| काल | 12:11 PM – 01:29 PM |
| शुभ | 01:29 PM – 02:47 PM |
| रोग | 02:47 PM – 04:05 PM |
| उद्वेग | 04:05 PM – 05:24 PM |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 05:24 PM – 07:05 PM |
| अमृत | 07:05 PM – 08:47 PM |
| चर | 08:47 PM – 10:29 PM |
| रोग | 10:29 PM – 12:11 AM (अगले दिन) |
| काल | 12:11 AM (अगले दिन) – 01:53 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 01:53 AM (अगले दिन) – 03:35 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 03:35 AM (अगले दिन) – 05:17 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 05:17 AM (अगले दिन) – 06:59 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 9 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 13 दिस | पूर्णिमा |
| 23 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
| 27 दिस | अमावस्या |
| 8 जन | एकादशी (शुक्ल) |
| 12 जन | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.