राहु काल — 22 सितंबर 2027, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 AM – 12:38 PM (बुधवार को वर्जित) |
| राहु काल | 12:13 PM – 01:44 PM |
| यमगंड | 07:40 AM – 09:11 AM |
| गुलिक काल | 10:42 AM – 12:13 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | सप्तमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:38 AM (अगले दिन), फिर अष्टमी |
| नक्षत्र | रोहिणी — समाप्त 05:52 PM, फिर मृगशिरा |
| योग | सिद्धि — समाप्त 01:58 AM (अगले दिन), फिर व्यतीपात |
| करण | विष्टि (भद्रा) — समाप्त 05:18 PM, फिर बव |
| वार | बुधवार |
सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चंद्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 06:09 AM – 07:40 AM |
| अमृत | 07:40 AM – 09:11 AM |
| काल | 09:11 AM – 10:42 AM |
| शुभ | 10:42 AM – 12:13 PM |
| रोग | 12:13 PM – 01:44 PM |
| उद्वेग | 01:44 PM – 03:16 PM |
| चर | 03:16 PM – 04:47 PM |
| लाभ | 04:47 PM – 06:18 PM |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 06:18 PM – 07:47 PM |
| शुभ | 07:47 PM – 09:16 PM |
| अमृत | 09:16 PM – 10:45 PM |
| चर | 10:45 PM – 12:14 AM (अगले दिन) |
| रोग | 12:14 AM (अगले दिन) – 01:43 AM (अगले दिन) |
| काल | 01:43 AM (अगले दिन) – 03:11 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 03:11 AM (अगले दिन) – 04:40 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 04:40 AM (अगले दिन) – 06:09 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 26 सित | एकादशी (कृष्ण) |
| 30 सित | अमावस्या |
| 11 अक्टू | एकादशी (शुक्ल) |
| 15 अक्टू | पूर्णिमा |
| 25 अक्टू | एकादशी (कृष्ण) |
| 29 अक्टू | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.