राहु काल — 13 अगस्त 2027, दिल्ली
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 AM – 12:52 PM |
| राहु काल | 10:46 AM – 12:25 PM |
| यमगंड | 03:44 PM – 05:23 PM |
| गुलिक काल | 07:28 AM – 09:07 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | द्वादशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 05:22 AM (अगले दिन), फिर त्रयोदशी |
| नक्षत्र | मूल — समाप्त 02:19 PM, फिर पूर्वाषाढ़ा |
| योग | विष्कुम्भ — समाप्त 09:29 PM, फिर प्रीति |
| करण | बव — समाप्त 04:09 PM, फिर बालव |
| वार | शुक्रवार |
सूर्योदय05:49 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिकर्क
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| चर | 05:49 AM – 07:28 AM |
| लाभ | 07:28 AM – 09:07 AM |
| अमृत | 09:07 AM – 10:46 AM |
| काल | 10:46 AM – 12:25 PM |
| शुभ | 12:25 PM – 02:05 PM |
| रोग | 02:05 PM – 03:44 PM |
| उद्वेग | 03:44 PM – 05:23 PM |
| चर | 05:23 PM – 07:02 PM |
रात का चौघड़िया
| रोग | 07:02 PM – 08:23 PM |
| काल | 08:23 PM – 09:44 PM |
| लाभ | 09:44 PM – 11:05 PM |
| उद्वेग | 11:05 PM – 12:26 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 12:26 AM (अगले दिन) – 01:47 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 01:47 AM (अगले दिन) – 03:07 AM (अगले दिन) |
| चर | 03:07 AM (अगले दिन) – 04:28 AM (अगले दिन) |
| रोग | 04:28 AM (अगले दिन) – 05:49 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 17 अग | पूर्णिमा |
| 28 अग | एकादशी (कृष्ण) |
| 31 अग | अमावस्या |
| 11 सित | एकादशी (शुक्ल) |
| 15 सित | पूर्णिमा |
| 26 सित | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.