राहु काल — 2 अप्रैल 2027, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:50 PM
राहु काल10:51 AM – 12:25 PM
यमगंड03:32 PM – 05:05 PM
गुलिक काल07:44 AM – 09:17 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिएकादशी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 02:53 AM (अगले दिन), फिर द्वादशी
नक्षत्रश्रवण — समाप्त 12:16 PM, फिर धनिष्ठा
योगसिद्ध — समाप्त 09:40 AM, फिर साध्य
करणबव — समाप्त 01:53 PM, फिर बालव
वारशुक्रवार
सूर्योदय06:10 AM
सूर्यास्त06:39 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

चर06:10 AM – 07:44 AM
लाभ07:44 AM – 09:17 AM
अमृत09:17 AM – 10:51 AM
काल10:51 AM – 12:25 PM
शुभ12:25 PM – 01:58 PM
रोग01:58 PM – 03:32 PM
उद्वेग03:32 PM – 05:05 PM
चर05:05 PM – 06:39 PM

रात का चौघड़िया

रोग06:39 PM – 08:05 PM
काल08:05 PM – 09:32 PM
लाभ09:32 PM – 10:58 PM
उद्वेग10:58 PM – 12:24 AM (अगले दिन)
शुभ12:24 AM (अगले दिन) – 01:50 AM (अगले दिन)
अमृत01:50 AM (अगले दिन) – 03:17 AM (अगले दिन)
चर03:17 AM (अगले दिन) – 04:43 AM (अगले दिन)
रोग04:43 AM (अगले दिन) – 06:09 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

2 अप्रैएकादशी (कृष्ण)
6 अप्रैअमावस्या
17 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
20 अप्रैपूर्णिमा
2 मईएकादशी (कृष्ण)
6 मईअमावस्या
16 मईएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.