पंचांग — 15 मार्च 2057, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिनवमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 06:38 AM, फिर दशमी
नक्षत्रआर्द्रा — समाप्त 10:02 AM, फिर पुनर्वसु
योगसौभाग्य — समाप्त 03:20 PM, फिर शोभन
करणकौलव — समाप्त 06:38 AM, फिर तैतिल
वारगुरुवार
सूर्योदय06:30 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चंद्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2113
शक संवत1978

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:54 PM
राहु काल02:00 PM – 03:29 PM
यमगंड06:30 AM – 08:00 AM
गुलिक काल09:30 AM – 11:00 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ06:30 AM – 08:00 AM
रोग08:00 AM – 09:30 AM
उद्वेग09:30 AM – 11:00 AM
चर11:00 AM – 12:30 PM
लाभ12:30 PM – 02:00 PM
अमृत02:00 PM – 03:29 PM
काल03:29 PM – 04:59 PM
शुभ04:59 PM – 06:29 PM

रात का चौघड़िया

अमृत06:29 PM – 07:59 PM
चर07:59 PM – 09:29 PM
रोग09:29 PM – 10:59 PM
काल10:59 PM – 12:29 AM (अगले दिन)
लाभ12:29 AM (अगले दिन) – 01:59 AM (अगले दिन)
उद्वेग01:59 AM (अगले दिन) – 03:29 AM (अगले दिन)
शुभ03:29 AM (अगले दिन) – 04:59 AM (अगले दिन)
अमृत04:59 AM (अगले दिन) – 06:29 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

17 मार्चएकादशी (शुक्ल)
31 मार्चएकादशी (कृष्ण)
4 अप्रैअमावस्या
15 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
19 अप्रैपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.