पंचांग — 29 जनवरी 2042, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | नवमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 04:41 AM (अगले दिन), फिर दशमी |
| नक्षत्र | भरणी — समाप्त 04:04 PM, फिर कृत्तिका |
| योग | शुभ — समाप्त 07:31 AM, फिर शुक्ल |
| करण | बालव — समाप्त 05:07 PM, फिर कौलव |
| वार | बुधवार |
सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त05:57 PM
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशिमकर
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2098
शक संवत1963
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:12 PM – 12:55 PM (बुधवार को वर्जित) |
| राहु काल | 12:34 PM – 01:55 PM |
| यमगंड | 08:31 AM – 09:52 AM |
| गुलिक काल | 11:13 AM – 12:34 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| लाभ | 07:10 AM – 08:31 AM |
| अमृत | 08:31 AM – 09:52 AM |
| काल | 09:52 AM – 11:13 AM |
| शुभ | 11:13 AM – 12:34 PM |
| रोग | 12:34 PM – 01:55 PM |
| उद्वेग | 01:55 PM – 03:16 PM |
| चर | 03:16 PM – 04:37 PM |
| लाभ | 04:37 PM – 05:57 PM |
रात का चौघड़िया
| उद्वेग | 05:57 PM – 07:37 PM |
| शुभ | 07:37 PM – 09:16 PM |
| अमृत | 09:16 PM – 10:55 PM |
| चर | 10:55 PM – 12:34 AM (अगले दिन) |
| रोग | 12:34 AM (अगले दिन) – 02:13 AM (अगले दिन) |
| काल | 02:13 AM (अगले दिन) – 03:52 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 03:52 AM (अगले दिन) – 05:31 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 05:31 AM (अगले दिन) – 07:10 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 31 जन | एकादशी (शुक्ल) |
| 4 फ़र | पूर्णिमा |
| 16 फ़र | एकादशी (कृष्ण) |
| 20 फ़र | अमावस्या |
| 2 मार्च | एकादशी (शुक्ल) |
| 6 मार्च | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.