पंचांग — 29 दिसंबर 2040, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | दशमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 11:56 AM, फिर एकादशी |
| नक्षत्र | स्वाति — समाप्त 11:12 PM, फिर विशाखा |
| योग | सुकर्मा — समाप्त 09:45 PM, फिर धृति |
| करण | विष्टि (भद्रा) — समाप्त 11:56 AM, फिर बव |
| वार | शनिवार |
सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त05:33 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2097
शक संवत1962
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 PM – 12:44 PM |
| राहु काल | 09:48 AM – 11:05 AM |
| यमगंड | 01:40 PM – 02:58 PM |
| गुलिक काल | 07:13 AM – 08:30 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| काल | 07:13 AM – 08:30 AM |
| शुभ | 08:30 AM – 09:48 AM |
| रोग | 09:48 AM – 11:05 AM |
| उद्वेग | 11:05 AM – 12:23 PM |
| चर | 12:23 PM – 01:40 PM |
| लाभ | 01:40 PM – 02:58 PM |
| अमृत | 02:58 PM – 04:16 PM |
| काल | 04:16 PM – 05:33 PM |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 05:33 PM – 07:16 PM |
| उद्वेग | 07:16 PM – 08:58 PM |
| शुभ | 08:58 PM – 10:41 PM |
| अमृत | 10:41 PM – 12:23 AM (अगले दिन) |
| चर | 12:23 AM (अगले दिन) – 02:06 AM (अगले दिन) |
| रोग | 02:06 AM (अगले दिन) – 03:48 AM (अगले दिन) |
| काल | 03:48 AM (अगले दिन) – 05:30 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 05:30 AM (अगले दिन) – 07:13 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 30 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
| 2 जन | अमावस्या |
| 12 जन | एकादशी (शुक्ल) |
| 17 जन | पूर्णिमा |
| 28 जन | एकादशी (कृष्ण) |
| 1 फ़र | अमावस्या |
| 11 फ़र | एकादशी (शुक्ल) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.