पंचांग — 14 दिसंबर 2031, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 02:36 PM, फिर प्रतिपदा
नक्षत्रज्येष्ठा — समाप्त 06:04 PM, फिर मूल
योगशूल — समाप्त 09:04 PM, फिर गण्ड
करणनाग — समाप्त 02:36 PM, फिर किंस्तुघ्न
वाररविवार
सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2088
शक संवत1953

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:36 PM
राहु काल04:08 PM – 05:25 PM
यमगंड12:15 PM – 01:33 PM
गुलिक काल02:50 PM – 04:08 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

उद्वेग07:05 AM – 08:22 AM
चर08:22 AM – 09:40 AM
लाभ09:40 AM – 10:58 AM
अमृत10:58 AM – 12:15 PM
काल12:15 PM – 01:33 PM
शुभ01:33 PM – 02:50 PM
रोग02:50 PM – 04:08 PM
उद्वेग04:08 PM – 05:25 PM

रात का चौघड़िया

शुभ05:25 PM – 07:08 PM
अमृत07:08 PM – 08:50 PM
चर08:50 PM – 10:33 PM
रोग10:33 PM – 12:15 AM (अगले दिन)
काल12:15 AM (अगले दिन) – 01:58 AM (अगले दिन)
लाभ01:58 AM (अगले दिन) – 03:40 AM (अगले दिन)
उद्वेग03:40 AM (अगले दिन) – 05:23 AM (अगले दिन)
शुभ05:23 AM (अगले दिन) – 07:05 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

14 दिसअमावस्या
24 दिसएकादशी (शुक्ल)
28 दिसपूर्णिमा
9 जनएकादशी (कृष्ण)
12 जनअमावस्या
23 जनएकादशी (शुक्ल)
27 जनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.