पंचांग — 23 जनवरी 2031, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 10:01 AM, फिर प्रतिपदा
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — समाप्त 12:09 PM, फिर श्रवण
योगवज्र — समाप्त 02:01 PM, फिर सिद्धि
करणनाग — समाप्त 10:01 AM, फिर किंस्तुघ्न
वारगुरुवार
सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त05:52 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
मास (पूर्णिमांत)माघ
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2087
शक संवत1952

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 12:54 PM
राहु काल01:52 PM – 03:12 PM
यमगंड07:13 AM – 08:33 AM
गुलिक काल09:53 AM – 11:13 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

शुभ07:13 AM – 08:33 AM
रोग08:33 AM – 09:53 AM
उद्वेग09:53 AM – 11:13 AM
चर11:13 AM – 12:33 PM
लाभ12:33 PM – 01:52 PM
अमृत01:52 PM – 03:12 PM
काल03:12 PM – 04:32 PM
शुभ04:32 PM – 05:52 PM

रात का चौघड़िया

अमृत05:52 PM – 07:32 PM
चर07:32 PM – 09:12 PM
रोग09:12 PM – 10:52 PM
काल10:52 PM – 12:32 AM (अगले दिन)
लाभ12:32 AM (अगले दिन) – 02:12 AM (अगले दिन)
उद्वेग02:12 AM (अगले दिन) – 03:52 AM (अगले दिन)
शुभ03:52 AM (अगले दिन) – 05:32 AM (अगले दिन)
अमृत05:32 AM (अगले दिन) – 07:13 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

23 जनअमावस्या
3 फ़रएकादशी (शुक्ल)
7 फ़रपूर्णिमा
18 फ़रएकादशी (कृष्ण)
21 फ़रअमावस्या
4 मार्चएकादशी (शुक्ल)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.