पंचांग — 1 जुलाई 2029, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | पंचमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 06:55 AM, फिर षष्ठी |
| नक्षत्र | शतभिषा — समाप्त 04:08 PM, फिर पूर्व भाद्रपद |
| योग | आयुष्मान — समाप्त 12:05 AM (अगले दिन), फिर सौभाग्य |
| करण | तैतिल — समाप्त 06:55 AM, फिर गर |
| वार | रविवार |
सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त07:23 PM
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिमिथुन
मास (पूर्णिमांत)आषाढ़
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:57 AM – 12:52 PM |
| राहु काल | 05:38 PM – 07:23 PM |
| यमगंड | 12:25 PM – 02:09 PM |
| गुलिक काल | 03:54 PM – 05:38 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 05:27 AM – 07:11 AM |
| चर | 07:11 AM – 08:56 AM |
| लाभ | 08:56 AM – 10:40 AM |
| अमृत | 10:40 AM – 12:25 PM |
| काल | 12:25 PM – 02:09 PM |
| शुभ | 02:09 PM – 03:54 PM |
| रोग | 03:54 PM – 05:38 PM |
| उद्वेग | 05:38 PM – 07:23 PM |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 07:23 PM – 08:38 PM |
| अमृत | 08:38 PM – 09:54 PM |
| चर | 09:54 PM – 11:09 PM |
| रोग | 11:09 PM – 12:25 AM (अगले दिन) |
| काल | 12:25 AM (अगले दिन) – 01:40 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 01:40 AM (अगले दिन) – 02:56 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 02:56 AM (अगले दिन) – 04:11 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 04:11 AM (अगले दिन) – 05:27 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 7 जुल | एकादशी (कृष्ण) |
| 11 जुल | अमावस्या |
| 21 जुल | एकादशी (शुक्ल) |
| 25 जुल | पूर्णिमा |
| 6 अग | एकादशी (कृष्ण) |
| 10 अग | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.