पंचांग — 2 अक्टूबर 2028, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 07:35 PM, फिर पूर्णिमा |
| नक्षत्र | पूर्व भाद्रपद — समाप्त 06:56 PM, फिर उत्तर भाद्रपद |
| योग | गण्ड — समाप्त 08:26 AM, फिर वृद्धि |
| करण | गर — समाप्त 06:21 AM, फिर वणिज |
| वार | सोमवार |
सूर्योदय06:14 AM
सूर्यास्त06:05 PM
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2085
शक संवत1950
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 AM – 12:33 PM |
| राहु काल | 07:43 AM – 09:12 AM |
| यमगंड | 10:41 AM – 12:10 PM |
| गुलिक काल | 01:39 PM – 03:07 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:14 AM – 07:43 AM |
| काल | 07:43 AM – 09:12 AM |
| शुभ | 09:12 AM – 10:41 AM |
| रोग | 10:41 AM – 12:10 PM |
| उद्वेग | 12:10 PM – 01:39 PM |
| चर | 01:39 PM – 03:07 PM |
| लाभ | 03:07 PM – 04:36 PM |
| अमृत | 04:36 PM – 06:05 PM |
रात का चौघड़िया
| चर | 06:05 PM – 07:36 PM |
| रोग | 07:36 PM – 09:08 PM |
| काल | 09:08 PM – 10:39 PM |
| लाभ | 10:39 PM – 12:10 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 12:10 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 01:41 AM (अगले दिन) – 03:12 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 03:12 AM (अगले दिन) – 04:44 AM (अगले दिन) |
| चर | 04:44 AM (अगले दिन) – 06:15 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 3 अक्टू | पूर्णिमा |
| 14 अक्टू | एकादशी (कृष्ण) |
| 18 अक्टू | अमावस्या |
| 28 अक्टू | एकादशी (शुक्ल) |
| 2 नव | पूर्णिमा |
| 13 नव | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.