पंचांग — 15 मार्च 2028, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिपंचमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:53 PM, फिर षष्ठी
नक्षत्रविशाखा — समाप्त 08:44 PM, फिर अनुराधा
योगहर्षण — समाप्त 12:05 AM (अगले दिन), फिर वज्र
करणतैतिल — समाप्त 04:53 PM, फिर गर
वारबुधवार
सूर्योदय06:30 AM
सूर्यास्त06:29 PM
चंद्र राशितुला
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:54 PM (बुधवार को वर्जित)
राहु काल12:30 PM – 02:00 PM
यमगंड08:00 AM – 09:30 AM
गुलिक काल11:00 AM – 12:30 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ06:30 AM – 08:00 AM
अमृत08:00 AM – 09:30 AM
काल09:30 AM – 11:00 AM
शुभ11:00 AM – 12:30 PM
रोग12:30 PM – 02:00 PM
उद्वेग02:00 PM – 03:30 PM
चर03:30 PM – 04:59 PM
लाभ04:59 PM – 06:29 PM

रात का चौघड़िया

उद्वेग06:29 PM – 07:59 PM
शुभ07:59 PM – 09:29 PM
अमृत09:29 PM – 10:59 PM
चर10:59 PM – 12:29 AM (अगले दिन)
रोग12:29 AM (अगले दिन) – 01:59 AM (अगले दिन)
काल01:59 AM (अगले दिन) – 03:29 AM (अगले दिन)
लाभ03:29 AM (अगले दिन) – 04:59 AM (अगले दिन)
उद्वेग04:59 AM (अगले दिन) – 06:29 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

21 मार्चएकादशी (कृष्ण)
26 मार्चअमावस्या
9 अप्रैपूर्णिमा
20 अप्रैएकादशी (कृष्ण)
24 अप्रैअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.