पंचांग — 18 फ़रवरी 2028, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | नवमी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 02:25 AM (अगले दिन), फिर दशमी |
| नक्षत्र | अनुराधा — समाप्त 01:25 PM, फिर ज्येष्ठा |
| योग | व्याघात — समाप्त 04:28 PM, फिर हर्षण |
| करण | तैतिल — समाप्त 01:58 PM, फिर गर |
| वार | शुक्रवार |
सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:12 PM – 12:57 PM |
| राहु काल | 11:10 AM – 12:35 PM |
| यमगंड | 03:24 PM – 04:48 PM |
| गुलिक काल | 08:21 AM – 09:46 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:57 AM – 08:21 AM |
| लाभ | 08:21 AM – 09:46 AM |
| अमृत | 09:46 AM – 11:10 AM |
| काल | 11:10 AM – 12:35 PM |
| शुभ | 12:35 PM – 01:59 PM |
| रोग | 01:59 PM – 03:24 PM |
| उद्वेग | 03:24 PM – 04:48 PM |
| चर | 04:48 PM – 06:13 PM |
रात का चौघड़िया
| रोग | 06:13 PM – 07:48 PM |
| काल | 07:48 PM – 09:23 PM |
| लाभ | 09:23 PM – 10:59 PM |
| उद्वेग | 10:59 PM – 12:34 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 12:34 AM (अगले दिन) – 02:10 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 02:10 AM (अगले दिन) – 03:45 AM (अगले दिन) |
| चर | 03:45 AM (अगले दिन) – 05:21 AM (अगले दिन) |
| रोग | 05:21 AM (अगले दिन) – 06:56 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 20 फ़र | एकादशी (कृष्ण) |
| 25 फ़र | अमावस्या |
| 7 मार्च | एकादशी (शुक्ल) |
| 11 मार्च | पूर्णिमा |
| 21 मार्च | एकादशी (कृष्ण) |
| 26 मार्च | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.