पंचांग — 17 अगस्त 2027, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिपूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 12:59 PM, फिर प्रतिपदा
नक्षत्रधनिष्ठा — समाप्त 02:32 AM (अगले दिन), फिर शतभिषा
योगशोभन — समाप्त 01:35 AM (अगले दिन), फिर अतिगण्ड
करणबव — समाप्त 12:59 PM, फिर बालव
वारमंगलवार
सूर्योदय05:51 AM
सूर्यास्त06:59 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
मास (अमांत)श्रावण
विक्रम संवत2084
शक संवत1949

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:51 PM
राहु काल03:42 PM – 05:20 PM
यमगंड09:08 AM – 10:46 AM
गुलिक काल12:25 PM – 02:03 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग05:51 AM – 07:29 AM
उद्वेग07:29 AM – 09:08 AM
चर09:08 AM – 10:46 AM
लाभ10:46 AM – 12:25 PM
अमृत12:25 PM – 02:03 PM
काल02:03 PM – 03:42 PM
शुभ03:42 PM – 05:20 PM
रोग05:20 PM – 06:59 PM

रात का चौघड़िया

काल06:59 PM – 08:20 PM
लाभ08:20 PM – 09:42 PM
उद्वेग09:42 PM – 11:03 PM
शुभ11:03 PM – 12:25 AM (अगले दिन)
अमृत12:25 AM (अगले दिन) – 01:47 AM (अगले दिन)
चर01:47 AM (अगले दिन) – 03:08 AM (अगले दिन)
रोग03:08 AM (अगले दिन) – 04:30 AM (अगले दिन)
काल04:30 AM (अगले दिन) – 05:51 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

17 अगपूर्णिमा
28 अगएकादशी (कृष्ण)
31 अगअमावस्या
11 सितएकादशी (शुक्ल)
15 सितपूर्णिमा
26 सितएकादशी (कृष्ण)
30 सितअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.