पंचांग — 22 मार्च 2027, दिल्ली

पंचांग के पाँच अंग

तिथिपूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 04:14 PM, फिर प्रतिपदा
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी — समाप्त 08:46 PM, फिर हस्त
योगगण्ड — समाप्त 02:03 PM, फिर वृद्धि
करणबव — समाप्त 04:14 PM, फिर बालव
वारसोमवार
सूर्योदय06:23 AM
सूर्यास्त06:33 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिमीन
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)फाल्गुन
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:52 PM
राहु काल07:54 AM – 09:25 AM
यमगंड10:57 AM – 12:28 PM
गुलिक काल01:59 PM – 03:30 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

अमृत06:23 AM – 07:54 AM
काल07:54 AM – 09:25 AM
शुभ09:25 AM – 10:57 AM
रोग10:57 AM – 12:28 PM
उद्वेग12:28 PM – 01:59 PM
चर01:59 PM – 03:30 PM
लाभ03:30 PM – 05:02 PM
अमृत05:02 PM – 06:33 PM

रात का चौघड़िया

चर06:33 PM – 08:01 PM
रोग08:01 PM – 09:30 PM
काल09:30 PM – 10:59 PM
लाभ10:59 PM – 12:27 AM (अगले दिन)
उद्वेग12:27 AM (अगले दिन) – 01:56 AM (अगले दिन)
शुभ01:56 AM (अगले दिन) – 03:25 AM (अगले दिन)
अमृत03:25 AM (अगले दिन) – 04:53 AM (अगले दिन)
चर04:53 AM (अगले दिन) – 06:22 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

22 मार्चपूर्णिमा
2 अप्रैएकादशी (कृष्ण)
6 अप्रैअमावस्या
17 अप्रैएकादशी (शुक्ल)
20 अप्रैपूर्णिमा
2 मईएकादशी (कृष्ण)

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.