पंचांग — 21 फ़रवरी 2027, दिल्ली
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 02:04 AM (अगले दिन), फिर द्वितीया |
| नक्षत्र | मघा — समाप्त 01:51 PM, फिर पूर्व फाल्गुनी |
| योग | अतिगण्ड — समाप्त 11:26 AM, फिर सुकर्मा |
| करण | बालव — समाप्त 03:26 PM, फिर कौलव |
| वार | रविवार |
सूर्योदय06:54 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिकुंभ
मास (पूर्णिमांत)फाल्गुन
मास (अमांत)माघ
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:12 PM – 12:57 PM |
| राहु काल | 04:50 PM – 06:15 PM |
| यमगंड | 12:35 PM – 02:00 PM |
| गुलिक काल | 03:25 PM – 04:50 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| उद्वेग | 06:54 AM – 08:19 AM |
| चर | 08:19 AM – 09:44 AM |
| लाभ | 09:44 AM – 11:09 AM |
| अमृत | 11:09 AM – 12:35 PM |
| काल | 12:35 PM – 02:00 PM |
| शुभ | 02:00 PM – 03:25 PM |
| रोग | 03:25 PM – 04:50 PM |
| उद्वेग | 04:50 PM – 06:15 PM |
रात का चौघड़िया
| शुभ | 06:15 PM – 07:50 PM |
| अमृत | 07:50 PM – 09:24 PM |
| चर | 09:24 PM – 10:59 PM |
| रोग | 10:59 PM – 12:34 AM (अगले दिन) |
| काल | 12:34 AM (अगले दिन) – 02:09 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 02:09 AM (अगले दिन) – 03:44 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 03:44 AM (अगले दिन) – 05:18 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 05:18 AM (अगले दिन) – 06:53 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
आने वाले व्रत
| 3 मार्च | एकादशी (कृष्ण) |
| 8 मार्च | अमावस्या |
| 18 मार्च | एकादशी (शुक्ल) |
| 22 मार्च | पूर्णिमा |
| 2 अप्रै | एकादशी (कृष्ण) |
| 6 अप्रै | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.