चौघड़िया — 16 अक्टूबर 2046, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| रोग | 06:22 AM – 07:48 AM |
| उद्वेग | 07:48 AM – 09:14 AM |
| चर | 09:14 AM – 10:40 AM |
| लाभ | 10:40 AM – 12:06 PM |
| अमृत | 12:06 PM – 01:32 PM |
| काल | 01:32 PM – 02:58 PM |
| शुभ | 02:58 PM – 04:24 PM |
| रोग | 04:24 PM – 05:50 PM |
रात का चौघड़िया
| काल | 05:50 PM – 07:24 PM |
| लाभ | 07:24 PM – 08:58 PM |
| उद्वेग | 08:58 PM – 10:32 PM |
| शुभ | 10:32 PM – 12:06 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 12:06 AM (अगले दिन) – 01:40 AM (अगले दिन) |
| चर | 01:40 AM (अगले दिन) – 03:15 AM (अगले दिन) |
| रोग | 03:15 AM (अगले दिन) – 04:49 AM (अगले दिन) |
| काल | 04:49 AM (अगले दिन) – 06:23 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 07:26 AM, फिर द्वितीया |
| नक्षत्र | अश्विनी — समाप्त 01:20 PM, फिर भरणी |
| योग | वज्र — समाप्त 04:08 AM (अगले दिन), फिर सिद्धि |
| करण | कौलव — समाप्त 07:26 AM, फिर तैतिल |
| वार | मंगलवार |
सूर्योदय06:22 AM
सूर्यास्त05:50 PM
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)आश्विन
विक्रम संवत2103
शक संवत1968
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 AM – 12:29 PM |
| राहु काल | 02:58 PM – 04:24 PM |
| यमगंड | 09:14 AM – 10:40 AM |
| गुलिक काल | 12:06 PM – 01:32 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 26 अक्टू | एकादशी (कृष्ण) |
| 29 अक्टू | अमावस्या |
| 9 नव | एकादशी (शुक्ल) |
| 13 नव | पूर्णिमा |
| 24 नव | एकादशी (कृष्ण) |
| 27 नव | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.