चौघड़िया — 18 जनवरी 2038, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 07:14 AM – 08:33 AM |
| काल | 08:33 AM – 09:53 AM |
| शुभ | 09:53 AM – 11:12 AM |
| रोग | 11:12 AM – 12:31 PM |
| उद्वेग | 12:31 PM – 01:50 PM |
| चर | 01:50 PM – 03:10 PM |
| लाभ | 03:10 PM – 04:29 PM |
| अमृत | 04:29 PM – 05:48 PM |
रात का चौघड़िया
| चर | 05:48 PM – 07:29 PM |
| रोग | 07:29 PM – 09:10 PM |
| काल | 09:10 PM – 10:50 PM |
| लाभ | 10:50 PM – 12:31 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 12:31 AM (अगले दिन) – 02:12 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 02:12 AM (अगले दिन) – 03:52 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 03:52 AM (अगले दिन) – 05:33 AM (अगले दिन) |
| चर | 05:33 AM (अगले दिन) – 07:14 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | द्वादशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 12:29 PM, फिर त्रयोदशी |
| नक्षत्र | मृगशिरा — समाप्त 04:30 AM (अगले दिन), फिर आर्द्रा |
| योग | ब्रह्म — समाप्त 03:08 PM, फिर इन्द्र |
| करण | बालव — समाप्त 12:29 PM, फिर कौलव |
| वार | सोमवार |
सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त05:48 PM
चंद्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमकर
मास (पूर्णिमांत)पौष
मास (अमांत)पौष
विक्रम संवत2094
शक संवत1959
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 12:10 PM – 12:52 PM |
| राहु काल | 08:33 AM – 09:53 AM |
| यमगंड | 11:12 AM – 12:31 PM |
| गुलिक काल | 01:50 PM – 03:10 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 21 जन | पूर्णिमा |
| 31 जन | एकादशी (कृष्ण) |
| 4 फ़र | अमावस्या |
| 15 फ़र | एकादशी (शुक्ल) |
| 19 फ़र | पूर्णिमा |
| 1 मार्च | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.