चौघड़िया — 24 नवंबर 2037, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| रोग | 06:50 AM – 08:10 AM |
| उद्वेग | 08:10 AM – 09:29 AM |
| चर | 09:29 AM – 10:48 AM |
| लाभ | 10:48 AM – 12:07 PM |
| अमृत | 12:07 PM – 01:26 PM |
| काल | 01:26 PM – 02:46 PM |
| शुभ | 02:46 PM – 04:05 PM |
| रोग | 04:05 PM – 05:24 PM |
रात का चौघड़िया
| काल | 05:24 PM – 07:05 PM |
| लाभ | 07:05 PM – 08:46 PM |
| उद्वेग | 08:46 PM – 10:27 PM |
| शुभ | 10:27 PM – 12:08 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 12:08 AM (अगले दिन) – 01:49 AM (अगले दिन) |
| चर | 01:49 AM (अगले दिन) – 03:29 AM (अगले दिन) |
| रोग | 03:29 AM (अगले दिन) – 05:10 AM (अगले दिन) |
| काल | 05:10 AM (अगले दिन) – 06:51 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | द्वितीया (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 04:14 AM (अगले दिन), फिर तृतीया |
| नक्षत्र | रोहिणी — समाप्त 10:54 AM, फिर मृगशिरा |
| योग | सिद्ध — समाप्त 02:06 AM (अगले दिन), फिर साध्य |
| करण | तैतिल — समाप्त 04:06 PM, फिर गर |
| वार | मंगलवार |
सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चंद्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2094
शक संवत1959
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 AM – 12:28 PM |
| राहु काल | 02:46 PM – 04:05 PM |
| यमगंड | 09:29 AM – 10:48 AM |
| गुलिक काल | 12:07 PM – 01:26 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 3 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
| 18 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 22 दिस | पूर्णिमा |
| 1 जन | एकादशी (कृष्ण) |
| 5 जन | अमावस्या |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.