चौघड़िया — 23 मई 2037, दिल्ली

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल05:26 AM – 07:09 AM
शुभ07:09 AM – 08:52 AM
रोग08:52 AM – 10:35 AM
उद्वेग10:35 AM – 12:18 PM
चर12:18 PM – 02:01 PM
लाभ02:01 PM – 03:43 PM
अमृत03:43 PM – 05:26 PM
काल05:26 PM – 07:09 PM

रात का चौघड़िया

लाभ07:09 PM – 08:26 PM
उद्वेग08:26 PM – 09:43 PM
शुभ09:43 PM – 11:00 PM
अमृत11:00 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
चर12:17 AM (अगले दिन) – 01:34 AM (अगले दिन)
रोग01:34 AM (अगले दिन) – 02:52 AM (अगले दिन)
काल02:52 AM (अगले दिन) – 04:09 AM (अगले दिन)
लाभ04:09 AM (अगले दिन) – 05:26 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिनवमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 11:17 PM, फिर दशमी
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी — समाप्त 11:27 PM, फिर उत्तर फाल्गुनी
योगहर्षण — समाप्त 01:41 AM (अगले दिन), फिर वज्र
करणबालव — समाप्त 12:27 PM, फिर कौलव
वारशनिवार
सूर्योदय05:26 AM
सूर्यास्त07:09 PM
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृषभ
मास (पूर्णिमांत)अधिक ज्येष्ठ
मास (अमांत)अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत2094
शक संवत1959

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:45 PM
राहु काल08:52 AM – 10:35 AM
यमगंड02:01 PM – 03:43 PM
गुलिक काल05:26 AM – 07:09 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

आने वाले व्रत

25 मईएकादशी (शुक्ल)
29 मईपूर्णिमा
9 जूनएकादशी (कृष्ण)
13 जूनअमावस्या
23 जूनएकादशी (शुक्ल)
27 जूनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.