चौघड़िया — 4 दिसंबर 2035, दिल्ली

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

रोग06:58 AM – 08:16 AM
उद्वेग08:16 AM – 09:34 AM
चर09:34 AM – 10:52 AM
लाभ10:52 AM – 12:11 PM
अमृत12:11 PM – 01:29 PM
काल01:29 PM – 02:47 PM
शुभ02:47 PM – 04:05 PM
रोग04:05 PM – 05:23 PM

रात का चौघड़िया

काल05:23 PM – 07:05 PM
लाभ07:05 PM – 08:47 PM
उद्वेग08:47 PM – 10:29 PM
शुभ10:29 PM – 12:11 AM (अगले दिन)
अमृत12:11 AM (अगले दिन) – 01:53 AM (अगले दिन)
चर01:53 AM (अगले दिन) – 03:35 AM (अगले दिन)
रोग03:35 AM (अगले दिन) – 05:17 AM (अगले दिन)
काल05:17 AM (अगले दिन) – 06:59 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिचतुर्थी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 10:42 AM, फिर पंचमी
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — समाप्त 07:50 PM, फिर श्रवण
योगवृद्धि — समाप्त 05:31 PM, फिर ध्रुव
करणविष्टि (भद्रा) — समाप्त 10:42 AM, फिर बव
वारमंगलवार
सूर्योदय06:58 AM
सूर्यास्त05:23 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिवृश्चिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2092
शक संवत1957

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:31 PM
राहु काल02:47 PM – 04:05 PM
यमगंड09:34 AM – 10:52 AM
गुलिक काल12:11 PM – 01:29 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

आने वाले व्रत

11 दिसएकादशी (शुक्ल)
25 दिसएकादशी (कृष्ण)
29 दिसअमावस्या
13 जनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.