चौघड़िया — 1 सितंबर 2031, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 05:59 AM – 07:34 AM |
| काल | 07:34 AM – 09:10 AM |
| शुभ | 09:10 AM – 10:45 AM |
| रोग | 10:45 AM – 12:21 PM |
| उद्वेग | 12:21 PM – 01:56 PM |
| चर | 01:56 PM – 03:32 PM |
| लाभ | 03:32 PM – 05:07 PM |
| अमृत | 05:07 PM – 06:43 PM |
रात का चौघड़िया
| चर | 06:43 PM – 08:07 PM |
| रोग | 08:07 PM – 09:32 PM |
| काल | 09:32 PM – 10:56 PM |
| लाभ | 10:56 PM – 12:21 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 12:21 AM (अगले दिन) – 01:45 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 01:45 AM (अगले दिन) – 03:10 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 03:10 AM (अगले दिन) – 04:35 AM (अगले दिन) |
| चर | 04:35 AM (अगले दिन) – 05:59 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 02:51 PM, फिर प्रतिपदा |
| नक्षत्र | शतभिषा — समाप्त 11:53 PM, फिर पूर्व भाद्रपद |
| योग | सुकर्मा — समाप्त 09:34 PM, फिर धृति |
| करण | बव — समाप्त 02:51 PM, फिर बालव |
| वार | सोमवार |
सूर्योदय05:59 AM
सूर्यास्त06:43 PM
चंद्र राशिकुंभ
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)अधिक भाद्रपद
मास (अमांत)अधिक भाद्रपद
विक्रम संवत2088
शक संवत1953
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 AM – 12:46 PM |
| राहु काल | 07:34 AM – 09:10 AM |
| यमगंड | 10:45 AM – 12:21 PM |
| गुलिक काल | 01:56 PM – 03:32 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 1 सित | पूर्णिमा |
| 12 सित | एकादशी (कृष्ण) |
| 16 सित | अमावस्या |
| 27 सित | एकादशी (शुक्ल) |
| 30 सित | पूर्णिमा |
| 12 अक्टू | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.