चौघड़िया — 10 सितंबर 2030, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| रोग | 06:03 AM – 07:37 AM |
| उद्वेग | 07:37 AM – 09:10 AM |
| चर | 09:10 AM – 10:44 AM |
| लाभ | 10:44 AM – 12:18 PM |
| अमृत | 12:18 PM – 01:51 PM |
| काल | 01:51 PM – 03:25 PM |
| शुभ | 03:25 PM – 04:58 PM |
| रोग | 04:58 PM – 06:32 PM |
रात का चौघड़िया
| काल | 06:32 PM – 07:58 PM |
| लाभ | 07:58 PM – 09:25 PM |
| उद्वेग | 09:25 PM – 10:51 PM |
| शुभ | 10:51 PM – 12:18 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 12:18 AM (अगले दिन) – 01:44 AM (अगले दिन) |
| चर | 01:44 AM (अगले दिन) – 03:11 AM (अगले दिन) |
| रोग | 03:11 AM (अगले दिन) – 04:37 AM (अगले दिन) |
| काल | 04:37 AM (अगले दिन) – 06:04 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 03:41 AM (अगले दिन), फिर पूर्णिमा |
| नक्षत्र | धनिष्ठा — समाप्त 06:19 PM, फिर शतभिषा |
| योग | सुकर्मा — समाप्त 11:23 PM, फिर धृति |
| करण | गर — समाप्त 04:17 PM, फिर वणिज |
| वार | मंगलवार |
सूर्योदय06:03 AM
सूर्यास्त06:32 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2087
शक संवत1952
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 AM – 12:42 PM |
| राहु काल | 03:25 PM – 04:58 PM |
| यमगंड | 09:10 AM – 10:44 AM |
| गुलिक काल | 12:18 PM – 01:51 PM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 11 सित | पूर्णिमा |
| 23 सित | एकादशी (कृष्ण) |
| 27 सित | अमावस्या |
| 7 अक्टू | एकादशी (शुक्ल) |
| 11 अक्टू | पूर्णिमा |
| 23 अक्टू | एकादशी (कृष्ण) |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.