चौघड़िया — 22 मई 2030, दिल्ली

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

लाभ05:27 AM – 07:09 AM
अमृत07:09 AM – 08:52 AM
काल08:52 AM – 10:35 AM
शुभ10:35 AM – 12:18 PM
रोग12:18 PM – 02:00 PM
उद्वेग02:00 PM – 03:43 PM
चर03:43 PM – 05:26 PM
लाभ05:26 PM – 07:09 PM

रात का चौघड़िया

उद्वेग07:09 PM – 08:26 PM
शुभ08:26 PM – 09:43 PM
अमृत09:43 PM – 11:00 PM
चर11:00 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
रोग12:17 AM (अगले दिन) – 01:35 AM (अगले दिन)
काल01:35 AM (अगले दिन) – 02:52 AM (अगले दिन)
लाभ02:52 AM (अगले दिन) – 04:09 AM (अगले दिन)
उद्वेग04:09 AM (अगले दिन) – 05:26 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिषष्ठी (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 11:27 PM, फिर सप्तमी
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा — समाप्त 07:01 AM, फिर श्रवण
योगशुक्ल — समाप्त 12:16 PM, फिर ब्रह्म
करणगर — समाप्त 12:09 PM, फिर वणिज
वारबुधवार
सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त07:09 PM
चंद्र राशिमकर
सूर्य राशिवृषभ
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)वैशाख
विक्रम संवत2087
शक संवत1952

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:50 AM – 12:45 PM (बुधवार को वर्जित)
राहु काल12:18 PM – 02:00 PM
यमगंड07:09 AM – 08:52 AM
गुलिक काल10:35 AM – 12:18 PM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

आने वाले व्रत

27 मईएकादशी (कृष्ण)
1 जूनअमावस्या
12 जूनएकादशी (शुक्ल)
15 जूनपूर्णिमा
26 जूनएकादशी (कृष्ण)
30 जूनअमावस्या

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.