चौघड़िया — 8 नवंबर 2029, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| शुभ | 06:38 AM – 07:59 AM |
| रोग | 07:59 AM – 09:21 AM |
| उद्वेग | 09:21 AM – 10:43 AM |
| चर | 10:43 AM – 12:04 PM |
| लाभ | 12:04 PM – 01:26 PM |
| अमृत | 01:26 PM – 02:47 PM |
| काल | 02:47 PM – 04:09 PM |
| शुभ | 04:09 PM – 05:31 PM |
रात का चौघड़िया
| अमृत | 05:31 PM – 07:09 PM |
| चर | 07:09 PM – 08:48 PM |
| रोग | 08:48 PM – 10:26 PM |
| काल | 10:26 PM – 12:05 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 12:05 AM (अगले दिन) – 01:43 AM (अगले दिन) |
| उद्वेग | 01:43 AM (अगले दिन) – 03:22 AM (अगले दिन) |
| शुभ | 03:22 AM (अगले दिन) – 05:00 AM (अगले दिन) |
| अमृत | 05:00 AM (अगले दिन) – 06:39 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | तृतीया (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 11:33 PM, फिर चतुर्थी |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा — समाप्त 02:16 AM (अगले दिन), फिर मूल |
| योग | अतिगण्ड — समाप्त 10:29 PM, फिर सुकर्मा |
| करण | तैतिल — समाप्त 01:02 PM, फिर गर |
| वार | गुरुवार |
सूर्योदय06:38 AM
सूर्यास्त05:31 PM
चंद्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशितुला
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)कार्तिक
विक्रम संवत2086
शक संवत1951
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 AM – 12:26 PM |
| राहु काल | 01:26 PM – 02:47 PM |
| यमगंड | 06:38 AM – 07:59 AM |
| गुलिक काल | 09:21 AM – 10:43 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 16 नव | एकादशी (शुक्ल) |
| 21 नव | पूर्णिमा |
| 2 दिस | एकादशी (कृष्ण) |
| 5 दिस | अमावस्या |
| 16 दिस | एकादशी (शुक्ल) |
| 20 दिस | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.