चौघड़िया — 12 जून 2027, दिल्ली
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
| काल | 05:22 AM – 07:07 AM |
| शुभ | 07:07 AM – 08:51 AM |
| रोग | 08:51 AM – 10:36 AM |
| उद्वेग | 10:36 AM – 12:21 PM |
| चर | 12:21 PM – 02:05 PM |
| लाभ | 02:05 PM – 03:50 PM |
| अमृत | 03:50 PM – 05:34 PM |
| काल | 05:34 PM – 07:19 PM |
रात का चौघड़िया
| लाभ | 07:19 PM – 08:34 PM |
| उद्वेग | 08:34 PM – 09:50 PM |
| शुभ | 09:50 PM – 11:05 PM |
| अमृत | 11:05 PM – 12:21 AM (अगले दिन) |
| चर | 12:21 AM (अगले दिन) – 01:36 AM (अगले दिन) |
| रोग | 01:36 AM (अगले दिन) – 02:51 AM (अगले दिन) |
| काल | 02:51 AM (अगले दिन) – 04:07 AM (अगले दिन) |
| लाभ | 04:07 AM (अगले दिन) – 05:22 AM (अगले दिन) |
अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | नवमी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 02:45 AM (अगले दिन), फिर दशमी |
| नक्षत्र | उत्तर फाल्गुनी — समाप्त 04:59 PM, फिर हस्त |
| योग | सिद्धि — समाप्त 10:47 AM, फिर व्यतीपात |
| करण | बालव — समाप्त 03:11 PM, फिर कौलव |
| वार | शनिवार |
सूर्योदय05:22 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृषभ
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
मास (अमांत)ज्येष्ठ
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
शुभ और अशुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 AM – 12:48 PM |
| राहु काल | 08:51 AM – 10:36 AM |
| यमगंड | 02:05 PM – 03:50 PM |
| गुलिक काल | 05:22 AM – 07:07 AM |
राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.
आने वाले व्रत
| 14 जून | एकादशी (शुक्ल) |
| 18 जून | पूर्णिमा |
| 30 जून | एकादशी (कृष्ण) |
| 4 जुल | अमावस्या |
| 14 जुल | एकादशी (शुक्ल) |
| 18 जुल | पूर्णिमा |
सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.
पंचांग क्या है
पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.
यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.