राहु काल — 17 दिसंबर 2067, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:37 PM
राहु काल09:42 AM – 10:59 AM
यमगंड01:34 PM – 02:52 PM
गुलिक काल07:07 AM – 08:24 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिद्वादशी (शुक्ल पक्ष) — समाप्त 08:31 PM, फिर त्रयोदशी
नक्षत्रभरणी — समाप्त 11:41 PM, फिर कृत्तिका
योगशिव — समाप्त 09:53 PM, फिर सिद्ध
करणबव — समाप्त 08:47 AM, फिर बालव
वारशनिवार
सूर्योदय07:07 AM
सूर्यास्त05:26 PM
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
मास (अमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2124
शक संवत1989

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल07:07 AM – 08:24 AM
शुभ08:24 AM – 09:42 AM
रोग09:42 AM – 10:59 AM
उद्वेग10:59 AM – 12:17 PM
चर12:17 PM – 01:34 PM
लाभ01:34 PM – 02:52 PM
अमृत02:52 PM – 04:09 PM
काल04:09 PM – 05:26 PM

रात का चौघड़िया

लाभ05:26 PM – 07:09 PM
उद्वेग07:09 PM – 08:52 PM
शुभ08:52 PM – 10:34 PM
अमृत10:34 PM – 12:17 AM (अगले दिन)
चर12:17 AM (अगले दिन) – 02:00 AM (अगले दिन)
रोग02:00 AM (अगले दिन) – 03:42 AM (अगले दिन)
काल03:42 AM (अगले दिन) – 05:25 AM (अगले दिन)
लाभ05:25 AM (अगले दिन) – 07:07 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

20 दिसपूर्णिमा
1 जनएकादशी (कृष्ण)
5 जनअमावस्या
15 जनएकादशी (शुक्ल)
19 जनपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.