राहु काल — 8 अक्टूबर 2067, दिल्ली

शुभ और अशुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:31 PM
राहु काल09:13 AM – 10:40 AM
यमगंड01:36 PM – 03:03 PM
गुलिक काल06:17 AM – 07:45 AM

राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू न करने की परंपरा है. ये समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 भागों में बाँटकर निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं.

पंचांग के पाँच अंग

तिथिअमावस्या (कृष्ण पक्ष) — समाप्त 02:58 PM, फिर प्रतिपदा
नक्षत्रहस्त — समाप्त 08:36 PM, फिर चित्रा
योगइन्द्र — समाप्त 01:23 AM (अगले दिन), फिर वैधृति
करणनाग — समाप्त 02:58 PM, फिर किंस्तुघ्न
वारशनिवार
सूर्योदय06:17 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चंद्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2124
शक संवत1989

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

काल06:17 AM – 07:45 AM
शुभ07:45 AM – 09:13 AM
रोग09:13 AM – 10:40 AM
उद्वेग10:40 AM – 12:08 PM
चर12:08 PM – 01:36 PM
लाभ01:36 PM – 03:03 PM
अमृत03:03 PM – 04:31 PM
काल04:31 PM – 05:59 PM

रात का चौघड़िया

लाभ05:59 PM – 07:31 PM
उद्वेग07:31 PM – 09:04 PM
शुभ09:04 PM – 10:36 PM
अमृत10:36 PM – 12:08 AM (अगले दिन)
चर12:08 AM (अगले दिन) – 01:41 AM (अगले दिन)
रोग01:41 AM (अगले दिन) – 03:13 AM (अगले दिन)
काल03:13 AM (अगले दिन) – 04:46 AM (अगले दिन)
लाभ04:46 AM (अगले दिन) – 06:18 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ शुभ माने जाते हैं, चर सामान्य; उद्वेग, काल और रोग में नए काम से बचने की परंपरा है.

आने वाले व्रत

8 अक्टूअमावस्या
18 अक्टूएकादशी (शुक्ल)
22 अक्टूपूर्णिमा
2 नवएकादशी (कृष्ण)
6 नवअमावस्या
17 नवएकादशी (शुक्ल)
20 नवपूर्णिमा

सूर्योदय के समय की तिथि के नियम से, चुने गए शहर के हिसाब से.

पंचांग क्या है

पंचांग हिंदू कैलेंडर है. इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार, नक्षत्र (चंद्रमा का तारा), योग (सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति) और करण (आधी तिथि). इसी से त्योहार, व्रत और महत्वपूर्ण कामों के लिए शुभ समय चुना जाता है.

यहाँ सभी मान चुने गए शहर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से, Lahiri अयनांश के साथ निकाले गए हैं. सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वही उस दिन की तिथि मानी जाती है.